केदारघाटी में हो रही बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग को नुकसान पहुंचा है। गुरुवार को हुई बारिश और भूस्खलन के बाद गौरीकुंड से आगे चीरबासा के पास 15 मीटर मार्ग वाशआउट हो गया है। इस कारण वहां फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित तरीके से वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रास्ते को पार करवाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त मार्ग को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ डीडीआरएफ के जवान दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग चीरबासा में 15 मीटर मार्ग वाशआउट होने से पैदल मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई। ऐसे में पैदल यात्री यहां फंसे रहे। एनडीआरफ, एसडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग ने वैकल्पिक रास्ता तैयार कर पैदल मार्ग पर आवाजाही शुरू कराई, हालांकि घोड़ा-खच्चरों का संचालन अभी बंद है। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। लगभग डेढ़ महीने पूर्व अतिवृष्टि से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग प्रभावित हुआ था।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि शनिवार सुबह गौरीकुंड और जंगल चट्टी के बीच में जंगल चट्टी से एक किलोमीटर पीछे गौरीकुंड की तरफ रास्ता टूटने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा गया। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग का चयन किया गया. तीर्थयात्रियों को सुरक्षित तरीके से वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करवाई जा रही है. रजवार ने बताया कि घोड़े-खच्चरों के लिए फिलहाल मार्ग बाधित है. मार्ग को तत्काल खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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इससे पहले 31 जुलाई को भूस्खलन से केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। ऐसे में नए बनाए गए मार्ग पर यात्रा करना जोखिमभरा बना हुआ है।





