विकसित उत्तराखण्ड की ओर बड़ा कदम: पंचायतीराज विभाग और IIM काशीपुर के बीच क्षमता-वर्धन हेतु ऐतिहासिक एमओयू
देहरादून। विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत उत्तराखण्ड पंचायतीराज विभाग और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) काशीपुर के मध्य क्षमता-विकास और नेतृत्व निर्माण पर केंद्रित एक ऐतिहासिक एमओयू 6 दिसंबर 2025 को निदेशालय पंचायतीराज, देहरादून में हस्ताक्षरित हुआ।
समझौते पर विभाग की निदेशक श्रीमती निधि यादव, IAS तथा IIM काशीपुर के डीन प्रो. कुनाल गांगुली ने हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी पंचायतीराज तंत्र को नई सोच, आधुनिक प्रबंधन कौशल और तकनीक-आधारित दक्षताओं से सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
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निदेशालय पंचायतीराज देहरादून में 6 दिसंबर 2025 को हुए इस समझौते पर विभाग की निदेशक श्रीमती निधि यादव, आईएएस, तथा आईआईएम काशीपुर के डीन प्रोफेसर कुनाल गांगुली ने हस्ताक्षर किए। यह एमओयू पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों/कार्मिकों के नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और प्रबंधन क्षमता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

प्रशिक्षण मॉड्यूल के तहत सुशासन, नेतृत्व के सिद्धांत, सहभागी नियोजन, संसाधन प्रबंधन, डिजिटल एवं ई-गवर्नेंस, पंचायतों में वित्तीय प्रबंधन और बजट, समुदाय से संवाद, विवाद समाधान तथा देश-विदेश की उत्कृष्ट तकनीक आधारित प्रणालियों का अध्ययन शामिल होगा।
निदेशक निधि यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और मजबूत विज़न के परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड की पंचायतों को अधिक सक्षम, प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू हस्ताक्षर के दौरान उप-निदेशक मनोज कुमार तिवारी, संयुक्त निदेशक श्रीमती हिमाली जोशी सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।





