आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद के घी में मिलावट की शिकायत के बाद मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। पुरी मंदिर ने घोषणा की है कि महाप्रसाद की तैयारी और मंदिर में दीप जलाने के लिए केवल ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ से मिले घी का उपयोग किया जाएगा।
अन्य ब्रांडों से घी लाने पर लेंगे एक्शन
बैठक के दौरान मंदिर के अधिकारियों ने कहा कि ओमफेड घी इन पवित्र प्रसादों का एकमात्र स्त्रोत रहेगा। इसी घी से प्रसाद बनेगा। बैठक के बाद मंदिर के मुख्य प्रशासक ने औपचारिक रुप से ओमफेड के प्रबंध निदेशक को इस फैसले के बारे में जानकारी दी है। उन्होनें आपूर्ति को सुविधाजनक बनाने के लिए एक विशेष डिपो की स्थापना का अनुरोध किया है। मंदिर प्रशासन ने चेतावनी दी कि श्रीमंदिर में अन्य ब्रांडों से घी लाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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OMFED घी को लेकर पत्र में खास बात
मुख्य प्रशासक ने पत्र में लिखा, मंदिर के अंगर महाप्रसाद तैयार करने और दीये जलाने के लिए केवल OMFED घी का उपयोग करने का फैसला लिया गया है। इस पर अधिकारियों के साथ चर्चा और सहमति हो गई है। इसलिए OMFED से अनुरोध है कि मंदिर में OMFED GHEE की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।






