उत्तराखंड की त्रिस्तरीय पंचायतों में एक बार फिर पूर्व प्रतिनिधियों को प्रशासक बनाया जा सकता है. 28 मई यानी कल होने वाली धामी कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लग सकती है. सरकार फिलहाल पंचायत चुनाव टालने के मूड में दिख रही है.
चारधाम यात्रा के चलते टल सकता है चुनाव
पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार का कहना है कि सरकार जुलाई में चुनाव कराने के लिए तैयार है, लेकिन इसमें कई व्यवहारिक दिक्कतें आ सकती है. सचिव के अनुसार इस समय उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है. भारी संख्या में सरकारी अमला, आम लोग व जनप्रतिनिधि यात्रा प्रबंधन और आवागमन में व्यस्त हैं.
जून के अंत में भी मानसून बन सकता है बाधा
सचिव ने बताया कि राज्य की सीमाओं के भीतर इस समय तीर्थाटन और पर्यटन के चलते स्थानीय जनसंख्या के पांच गुना तक बाहरी लोग राज्य में मौजूद हैं. जिससे चुनाव की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है. सचिव ने यह भी संकेत दिए कि जून के अंत से शुरू होने वाला मानसून का दौर भी चुनाव कराने में बड़ी बाधा बन सकता है.
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धामी कैबिनेट में होगा फैसला
पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार की माने तो जब तक हालात पूरी तरह अनुकूल नहीं होते, तब तक पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशासक नियुक्त करने का विकल्प सबसे व्यावहारिक माना जा रहा है. अब निगाहें 28 मई की कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं. जिसमें आगे की रणनीति तय होनी है.






