भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच सीजफायर का ऐलान भले ही सीमावर्ती इलाकों में राहत की सांस लेकर आया हो, लेकिन इसके पीछे अमेरिका की भूमिका को लेकर देश की राजनीति अब गरमा गई है. कांग्रेस ने इस सीजफायर पर सवाल उठाते हुए इसे भारत की संप्रभुता पर हस्तक्षेप करार दिया है.
भारत-पाक सीजफायर पर अमेरिका की एंट्री से गरमाई राजनीति
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका जैसे किसी तीसरे देश की भूमिका स्वीकार्य नहीं है. धस्माना ने कहा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर सीजफायर की जानकारी दी, जबकि भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान पहले नहीं आया. यह चिंताजनक है.
इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश ने कि थी विजय हासिल : धस्माना
प्रदेश संगठन के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा 1971 में भारत-पाक युद्ध की याद दिलाते हुए कहा कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश ने निर्णायक विजय हासिल की थी. आज पूरे देश को इंदिरा गांधी की निर्णायक नेतृत्व क्षमता याद आ रही है.
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राहुल गांधी ने बुलाया है विशेष सत्र
बता दें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. उनका कहना है कि हालिया पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और अब सीजफायर जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए, ताकि राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर आगे की रणनीति तय की जा सके.






