रुद्रप्रयाग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई भारी बारिश ने कहर बरपाया है है। बारिश से उत्पन्न आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दल शनिवार सुबह छह बजे से ही युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। रेस्क्यू टीम ने केदारनाथ धाम से आने वाले 1600 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा है।
रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर
बता दें कि बीती रात 1 बजे से 4 बजे के बीच रुद्रप्रयाग के चमेली, रूमसी, चमरारा तोक और विजयनगर क्षेत्र में सौड़ी गदेरा और बेडू बगड़ नाला में मलबा आने से कई भवन, गौशाला, शौचालय और संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए। करीब 8 से 10 भवनों में मलबा घुस गया था। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची औप प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी और अन्य संसाधनों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य किया। साथ ही प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
1600 यात्रियों को सुरक्षित निकाला
वहीं दूसरी तरफ सुबह 4 बजे गौरीकुंड में घोड़ापड़ाव से लगभग 50 मीटर की दूरी पर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगभग 30 मीटर क्षेत्र में भारी पत्थर और मलबा आ गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, NDRF, SDRF की टीमें मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग बनाकर सुरक्षित निकाला। अब तक लगभग 1600 यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। जबकि 700 यात्री फंसे हुए हैं। जिनका रेस्क्यू जारी है।
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