गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में पांच दिवसीय बजट सत्र का दूसरा दिन जारी है। सदन में कई महत्वपूर्ण अध्यादेश पटल पर रखे जाने की उम्मीद है। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें पर्यटन, सड़क निर्माण और पंचायती राज जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है। कुल 5867 पंचायत भवनों में से 1134 जीर्ण-शीर्ण थे, जिन्हें ठीक करने का अभियान चलाया गया। पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को यह जानकारी दी। इसी तरह लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर मानसून से पहले 3134 किलोमीटर और नवंबर तक कुल सात हजार से अधिक किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया। हरिद्वार जिले में अकेले 313 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें सुधारी गईं।
पर्यटन मंत्री ने विधानसभा में बताया कि तीर्थ स्थलों को रोपवे से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे पीपीपी मोड में संचालित हो गया है। चम्पावत में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी, उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री, गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माणाधीन हैं।
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सत्र के दौरान राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला। हल्द्वानी के आईएसबीटी और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की खामियों को लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश सहित कई विधायक विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे। जंगलचट्टी बैरियर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी पुलिसबल के बीच हंगामा किया और बैरियर तोड़ने की कोशिश की। चोरड़ा से भराड़ीसैंण मोटर मार्ग की मांग को लेकर चोरड़ा की महिलाएं विधानसभा पहुंचीं, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्थायी जेल ले गई।
प्रश्नकाल में मानव-वन्यजीव संघर्ष और केदारनाथ वन्यजीव क्षेत्र में वन्यजीव हमलों पर सवाल उठे। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने तत्काल मुआवजे की व्यवस्था होने की बात कही। सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने दिवंगत उक्रांद नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि दी।






