उत्तराखंड सचिवालय में बुधवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं और तकनीकी सुधारों को लेकर चर्चा हुई.
E-DPR और E-Office को लेकर दिए अहम निर्देश
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान सभी सचिवों को निर्देशित किया कि उनके विभागों में ई-डीपीआर मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए. सीएस ने कहा कि डीपीआर तैयार करने से लेकर शासन स्तर तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होनी चाहिए. इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्य में तेजी आएगी.
सर्विस बुक डेटा को अपडेट करने के दिए निर्देश
बैठक में यूकेपीएफएमएस के माध्यम से सभी कार्मिकों की सर्विस बुक डेटा को अपडेट करने के निर्देश दिए गए. सीएस ने स्पष्ट किया कि आईएफएमएस डेटा का डिजिटलीकरण जल्द कराया जाए, और इसके मैकेनिज्म को भी और अधिक मजबूत बनाया जाए.
Also Read
- उत्तराखंड में विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार, धामी सरकार ने खोला 496 करोड़ का खजाना
- अंकिता भंडारी केस में नया मोड़, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट के लिए तैयार
- मोटे अनाजों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी, मयकोटी में छात्र-छात्राओं और महिलाओं को दिया प्रशिक्षण
- हरिद्वार में दो बच्चियों के लावारिस मिलने से मचा हड़कंप, कूड़े के ढेर में मिली सात दिन की मासूम
- चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौत का आंकड़ा 271 पहुंचा, स्वास्थ्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य रूप से लागू करने के दिए निर्देश
सीएस ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और वाहन चालकों के GPF से संबंधित डेटा को नियमित अपडेट करने को कहा. साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यालयों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. सीएस ने कहा कि सभी विभागों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए.






