देवभूमि उत्तराखंड की शांत वादियों में एक हाई-प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क चल रहा था, जिसकी जड़ें मुंबई तक फैली थी. एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद इस खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो पिथौरागढ़ में MDMA जैसी घातक ड्रग्स तैयार कर उसे मुंबई तक सप्लाई कर रहा था.
2 करोड़ प्रति किलो वाली MDMA ड्रग्स बरामद
STF की नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत इस पूरे रैकेट को बेनकाब किया है. गिरोह के मास्टरमाइंड कुनाल कोहली को पुलिस ने नानकमत्ता से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 126 लीटर कैमिकल, 28 किलो पाउडर और 7.41 ग्राम तैयार MDMA बरामद किया है. बरामद सामग्री से लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स तैयार की जा सकती थी.
ठाणे से शुरू हुआ था खुलासा
पूरे मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के ठाणे से हुई, जहां 31 मई को दो आरोपी 11 ग्राम एमडीएमए के साथ पकड़े गए थे. पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह ड्रग्स उत्तराखंड-नेपाल बॉर्डर के थल इलाके में तैयार की जा रही थी. इसी इनपुट के आधार पर पुलिस ने पिथौरागढ़ के एक पोल्ट्री फार्म में छापा मारा, जहां से एमडीएमए बनाने की पूरी फैक्ट्री का पता चला. जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले बनारस में ड्रग्स बनाता था, और अब पिथौरागढ़ में सक्रिय था. ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कैमिकल गाजियाबाद से मंगाया गया था. गिरोह की जड़ें नेपाल, बनारस, गाजियाबाद और मुंबई तक फैली हैं.
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अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
अब तक पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनसे पहले भी करीब 6 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हो चुकी है. कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि सीमांत जिलों को ड्रग्स माफिया शरणस्थली न बना सकें, इसके लिए राज्य पुलिस हर स्तर पर सतर्क है.






