उत्तराखंड में कैंसर को किया गया सूचनीय रोग घोषित, सभी अस्पतालों को मरीजों का विवरण देना होगा अनिवार्य

देहरादून। कैंसर जैसी दीर्घकालिक और प्राणघातक बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इसे सूचनीय रोग (Notifiable Disease) घोषित कर दिया है। इस संबंध में राज्यपाल द्वारा महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2(1) के तहत आदेश जारी किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि समुचित रिपोर्टिंग प्रणाली के अभाव में कैंसर के मामलों की आयु-मानकीकृत दर (Age Standardized Rate) और मृत्यु दर में वृद्धि दर्ज हो रही है, जिससे जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रयास प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार के लिए समेकित निगरानी एवं मूल्यांकन तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।

Read More

इस उद्देश्य से राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में कैंसर रजिस्ट्री विकसित की जाएगी। इसके तहत प्रदेश के सभी राजकीय अस्पताल, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, नैदानिक प्रयोगशालाएं, राजकीय व निजी मेडिकल कॉलेज, निजी चिकित्सा व्यवसायी, स्वायत्त चिकित्सा संस्थान और गैर-सरकारी संगठन कैंसर रोगियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

निर्देशों के अनुसार संबंधित संस्थानों को कैंसर रोगी का विवरण, कैंसर का प्रकार, बीमारी की स्टेज, उपचार की स्थिति और मृत्यु से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड को उपलब्ध करानी होगी।

Source link

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *