चंपावत में ग्राम प्रधान चुनाव से जुड़ा एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी खुशी मनाते हैं और प्रमाण पत्र लेने के लिए लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन यहां कहानी बिल्कुल उलट है।
चंपावत में हारने वाले प्रत्याशी को थमाया प्रमाण पत्र
तरकुली ग्राम पंचायत की प्रधान प्रत्याशी काजल बिष्ट ने खुद ही अपनी जीत पर सवाल उठाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर से कहा “साहब, मैं चुनाव नहीं जीती हूं, मेरा जीत का प्रमाण पत्र वापस ले लीजिए।दरअसल, 31 जुलाई को मतगणना के दौरान तीन बार काउंटिंग हुई थी।
जीत का प्रमाण पत्र लेने के लिए बुलाया तो हुई हैरान
काजल बिष्ट के मुताबिक, अंतिम गिनती में वह अपने प्रतिद्वंद्वी से तीन वोटों से हार गई थीं। हार मानकर वह मतगणना स्थल से चली गई। लेकिन बाद में फोन आया कि लाउडस्पीकर पर उनका नाम पुकारा जा रहा है और उन्हें जीत का प्रमाण पत्र लेने बुलाया गया है।
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नैतिकता दिखाते हुए काजल ने वापस किया प्रमाण पत्र
काजल बिष्ट जब वापस लौटीं तो हैरान रह गई कि उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया था। उन्होंने नैतिकता दिखाते हुए कहा कि यह जीत उनकी नहीं है और प्रमाण पत्र लेने से इंकार कर दिया। रिटर्निंग ऑफिसर ने काजल बिष्ट की आपत्ति को स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।






