मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में अपने परिवार के साथ लोक पर्व फूलदेई मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को फूलदेई की शुभकामनाएं दीं।
फूलदेई मनाने सीएम आवास पहुंचे बच्चे
मुख्यमंत्री आवास में लोक पर्व फूलदेई, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर आए बच्चों ने घर की देहरी पर फूल और चावल डाले। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे लोक गीत भी गाए। सीएम ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार दिए।
जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए: CM
सीएम धामी ने कहा कि लोक पर्व फूलदेई राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान के भाव को बनाए रखने का त्योहार है। उन्होंने कहा यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है। यह त्योहार दर्शाता है कि जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए।
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लोक संस्कृति को संरक्षित करना सामूहिक जिम्मेदारी है: CM
सीएम ने कहा उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा हमने अपने लोक त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए जिससे कि यह त्यौहार आने वाली पीढ़ी तक पहुंचे और हमारी लोक संस्कृति हमेशा अमर रहे। सीएम ने कहा कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है।






