Elvish Yadav snake venom case: सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत दी है। स्नेक वेनम मामले में एल्विश यादव पर चल रहा केस रद्द हो गया है। दरअसल एल्विश यादव पर साल 2023 में नोएडा की एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल पर मामला दर्ज हुआ था। जिसके लिए उन्हें 17 मार्च 2024 को गिरफ्तार कर जेल में भी डाला था।
स्नेक वेनम मामले में एल्विश यादव पर चल रहा केस रद्द Elvish Yadav snake venom case
कोर्ट ने एल्विश यादव पर सांप के जहर से जुड़े मामले में दर्ज आपराधिक कार्यवाही को पूरी तरह रद्द कर दिया। दरअसल जस्टिस एम.एम.सुंदरेश और जस्टिस एन.कोटिस्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। जिसमें चार्जशीट और चल रही आपराधिक प्रक्रिया को चुनौती दी गई। बेंच ने अपने फैसले में कहा कि दर्ज FIR और शिकायत कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं। कोर्ट ने कहा, “शिकायत और एफआईआर कानून के अनुसार बरकरार नहीं रखी जा सकती।. हम अन्य मुद्दों पर विचार नहीं करेंगे। कार्यवाही रद्द की जाती है।”
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एल्विश को दी सख्त नसीहत
आपको बता दें कि बीते महीने सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एल्विश को सख्त नसीहत दी थी। बेंच ने कहा था कि सांप जैसे बेजुबान जीवों का फेमस लोगों को इस्तेमाल करने की छूट मिलने से समाज में गलत मैसेज जाता है। कोर्ट ने ये सवाल पूछा था कि “क्या कोई चिड़ियाघर में जाकर जानवरों के साथ खेल सकता है? क्या यह अपराध नहीं होगा?”
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एल्विश के वकील ने ये दलील की पेश
एल्विश के वकील ने दलील दी कि वे सिंगर फाजिलपुरिया के वीडियो में गेस्ट के तौर पर पार्टी में शामिल होने के लिए गए थे।पार्टी में नशीले पदार्थों के सेवन का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। साथ ही जांच में नौ सांपों में जहर नहीं पाया गया। तो वहीं राज्य पक्ष ने दावा किया पांच कोबरा सहित नौ सांप पुलिस द्वारा बचाए गए। साथ ही रेव पार्टियों में जहर के इस्तेमाल का संकेत मिला।
फैसला एल्विश के लिए एक बड़ी जीत
बीते साल छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, आईपीसी और एनडीपीएस एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप पत्र में आरोप थे। इसमें सांप के जहर का सेवन भी शामिल था।
एल्विश के वकील ने इस पर तर्क दिया कि उनके पास सांप, नशीला पदार्थ या दवा नहीं मिली है। साथ ही किसी सह-आरोपी से उनकी कोई सीड़ी कड़ी है। ऐसे में कोर्ट ने केवल प्रक्रियागत आधार पर केस को रद्द कर दिया है। ये फैसला एल्विश के लिए एक बड़ी जीत है।





