खनन विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग की हत्या मामला का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोपी मामा- भांजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक के खाते से निकाले 4 लाख 80 हजार रुपए बरामद किए हैं.
मामले को लेकर छह मार्च को संजय कुमार पुत्र मंगल सिंह निवासी उत्तर प्रदेश ने पुलिस को तहरीर दी थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके चाचा जगदीश नत्थुवाला में किराये पर रहते थे एक फरवरी को उनके चाचा का मोबाइल बन्द आ रहा. इस संबंध में उन्होंने मकान मालिक से जानकारी ली. जिसपर उन्होंने बताया कि 2-3 दिन से वो घर वापस नहीं आये हैं. तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आसपास के लोगों से इस संबंध में पूछताछ की. जिसमें पता चला कि जगदीश देहरादून में खनन विभाग में सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे. गुमशुदा के मोबाइल नम्बर व बैंक खातों की जांच की. जांच करने पर गुमशुदा के पीएनबी बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से लगातार एक अन्य बैंक खाते में ट्राजेक्शन का होना पाया गया. जिस पर उक्त खातों की जानकारी करने पर उक्त खाते का मोहित नाम के व्यक्ति के नाम पर होना प्रकाश में आया. पुलिस को पता चला कि कुछ समय पहले ही वो खाता खुला है.
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गठित टीम ने प्रकाश में आए संदिग्ध खाताधारक मोहित त्यागी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने मामले के साथ मिलकर गुमशुदा बुजुर्ग जगदीश की हत्या कर शव को देवबंद की नहर में फेंक दिया है. जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वो रायपुर से गुजरोंवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने का काम करता है.
आरोपी की मुलाकात चार साल पहले जगदीश से गुजरोवाली चौक पर हुई थी, जो मूल रूप से रायबरेली उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. मृतक जगदीश अक्सर पूरे दिन गुजरोवाला चौक पर बैठे रहते थे. आरोपी वहीं पर सवारी का इंतजार करता था. अक्सर मुलाकात होने के कारण दोनो के बीच अच्छी जान पहचान हो गई. बुजुर्ग अपनी सारी बातें आरोपी से साझा करता था. इस दौरान आरोपी को पता चला कि बुजुर्ग अविवाहित है और उसके आगे पीछे कोई नहीं है. बुजुर्ग ने मौके का फायदा उठाकर अपने मामा के साथ मिलकर बुजुर्ग को मौत के घाट उतार दिया.






