राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर देहरादून में कार्यशाला आयोजित की गई. जिसमें सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में भी मानवीय संवेदनाएं अहम हैं.
समय बचाने में सहायक है AI : तिवारी
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि तकनीक कितनी भी विकसित हो जाए पर मानवीय संवेदनाएं और ज़िम्मेदारियां सर्वोपरि रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि AI समय बचाने में सहायक है, लेकिन उस बचे हुए समय का उपयोग समाज और परिवार के साथ संवाद में किया जाना चाहिए.
तिवारी ने आगाह किया कि किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक गलत सूचना समाज और व्यक्ति दोनों को प्रभावित कर सकती है. AI टूल्स कंटेंट निर्माण में मददगार हो सकते हैं, लेकिन उसमें व्यक्तिगत अनुभव और सोच का समावेश ही उसे प्रभावी बनाता है. इसलिए AI का इस्तेमाल सोच-समझकर और ज़िम्मेदारी के साथ होना चाहिए.
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AI से जुड़ी जागरूकता है ज़रूरी : उपाध्याय
संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय ने तकनीक के फायदे-चुनौतियों पर बात की. उपाध्याय ने कहा नई तकनीक अपने साथ नई संभावनाएं और नई चुनौतियां लेकर आती है. एआई को पूरी तरह से जनसंपर्क का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि एआई से जुड़ी जागरूकता ज़रूरी है, ताकि जनसंपर्क के मूल्यों की रक्षा हो सके.






