वैश्विक हालात के बीच उत्तराखंड में एलपीजी (LPG) गैस की आपूर्ति को लेकर सरकार अलर्ट मोड में नजर आ रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में हुई अहम बैठक में प्रदेशभर में गैस सप्लाई की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी जिलों के जिलाधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
उत्तराखंड में LPG गैस सप्लाई पर सरकार सख्त
बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में फिलहाल एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुसार समय पर आपूर्ति दी जा रही है। हालांकि, मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी हाल में गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
CS ने जिलाधिकारियों से लिया जमीनी हकीकत का फीडबैक
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से जमीनी हकीकत का फीडबैक लिया और निर्देश दिए कि गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि गैस की अवैध बिक्री और जमाखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नियमित छापेमारी अभियान चलाने के दिए निर्देश
सीएस ने अधिकारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने, स्टॉक की जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विभिन्न जिलों में हुई कार्रवाई, दर्ज एफआईआर और छापेमारी का विस्तृत ब्यौरा भी पेश किया गया।
गैस कंपनियों और वितरकों के साथ तालमेल बनाना जरूरी
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि गैस कंपनियों और वितरकों के साथ बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि समन्वय मजबूत रखते हुए सप्लाई चेन को सुचारु रखा जाए, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और कालाबाजारी पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।






