देहरादून। उत्तराखंड में ठंड का कहर जारी है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और मैदानों में शीतलहर ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है, लेकिन शीतलहर और पाला गिरने की चेतावनी दी गई है।
पाले और बर्फबारी से बढ़ी ठंड:
- मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य या उससे भी नीचे चला गया है।
- पाले की वजह से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है।
- मसूरी, नैनीताल और औली जैसे पर्यटक स्थलों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
मसूरी में हादसा टला:
मसूरी के कैंपटी मार्ग पर एक पानी का टैंकर फिसलकर खाई में गिरने से बाल-बाल बचा।
- पाला जमने से प्रभावित मार्ग:
- मसूरी-कैंपटी मार्ग
- वैवरली-हाथीपांव मार्ग
- लाइब्रेरी-हैप्पी वैली मार्ग
- स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने इन मार्गों पर चूना छिड़कने की मांग की है ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
शीतलहर का प्रकोप:
- अधिकतम तापमान सामान्य से 1-2°C कम और न्यूनतम तापमान में 3-6°C तक की गिरावट दर्ज की गई है।
- ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान:
- अगले दो दिन:
- दिन में हल्की धूप, लेकिन रात को पाले और शीतलहर का असर जारी रहेगा।
- अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है।
सुझाव:
- यातायात प्रबंधन: प्रशासन को पहाड़ी मार्गों पर नमक और चूने का छिड़काव सुनिश्चित करना चाहिए।
- पर्यटकों के लिए सतर्कता: पर्यटकों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े और फिसलन से बचने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- स्थानीय निवासियों के लिए सावधानी: रात में पाले के कारण सड़कों पर फिसलने से बचने के उपाय किए जाएं।
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