देहरादून। नए साल 2025 की शुरुआत उत्तराखंड के लिए खेलों की बड़ी परीक्षा लेकर आ रही है। 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल न केवल राज्य के खिलाड़ियों, बल्कि खेल संघों और विभाग के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित होंगे। इस आयोजन के माध्यम से राज्य को पदक तालिका में बेहतर स्थान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय खेलों में पिछला प्रदर्शन और चुनौतियां
उत्तराखंड ने पिछले तीन राष्ट्रीय खेलों में एथलेटिक्स, जूडो, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, कुश्ती, ताइक्वांडो, कैनोइंग और कयाकिंग, योगासन, वुसू, जिम्नास्टिक और रोइंग जैसे 12 से 13 खेलों में ही पदक जीते हैं। अन्य खेलों में प्रदर्शन सुधारने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
गोवा (2023) में उत्तराखंड ने कुल 24 पदक (तीन स्वर्ण) जीतकर 25वें स्थान पर, जबकि गुजरात (2022) में 18 पदक (एक स्वर्ण) के साथ 26वें स्थान पर और केरल (2015) में 19 पदक (दो स्वर्ण) के साथ 23वें स्थान पर रहा।
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विशेष प्रमुख सचिव खेल, अमित सिन्हा ने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब दोगुना नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरी का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।
खेल अवसंरचना और तैयारियां
उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों का आवंटन 2014 में हुआ था, लेकिन खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों की तैयारी में देरी के कारण खेल 2025 तक स्थगित होते रहे।
- अवसंरचना विकास: अंतिम समय में खेल स्थलों को तैयार किया जा रहा है।
- खिलाड़ियों के कैंप: खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर के कैंप और सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
- नर्सरी की कमी: विशेषज्ञों का कहना है कि चार साल पहले से जूनियर खिलाड़ियों को तैयार करने पर राज्य के पास मजबूत प्रतिभा पूल होता।
राष्ट्रीय खेलों की तैयारी पर खेल विभाग का दावा
खेल विभाग ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी को राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। विभाग का लक्ष्य पदक तालिका में शीर्ष 5 स्थान हासिल करना है। खिलाड़ियों को यात्रा, किट, और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
खेल संघों पर सवाल
राज्य में 40 से अधिक खेल संघ सक्रिय हैं, लेकिन इनमें कई संघों के पदों पर लंबे समय से रसूखदार लोग काबिज हैं। खेल संघों की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए विशेषज्ञों ने समयबद्ध कार्य योजना की आवश्यकता बताई।
मुख्य आकर्षण और उम्मीदें
- राज्य के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुधारने के लिए विशेष योजनाएं।
- स्वर्ण पदक: अधिक से अधिक खेलों में स्वर्ण जीतने का लक्ष्य।
- खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि और रोजगार अवसर प्रदान करना।
38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड को खेल राज्य के रूप में स्थापित करने का एक अनूठा मौका प्रदान करेंगे। यह आयोजन खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और विभागीय तैयारियों की सच्ची परीक्षा होगी।






