हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 9वीं क्लास की 16 वर्षीय छात्रा ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मामले में पुलिस ने परिजनों की ओर से शिकायत न मिलने पर पॉक्सो एक्ट के तहत स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है मामला?
मुरादाबाद की एक महिला अपने चार बच्चों के साथ हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में किराए पर रहती है। महिला घरों में काम करके अपनी बेटियों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रही है। महिला का पति शराब का आदी है और परिवार के साथ नहीं रहता।
8 दिसंबर को महिला की 16 वर्षीय बेटी, जो स्थानीय पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा है, ने सुशीला तिवारी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन ने बच्ची का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मांगे, जिससे छात्रा के नाबालिग होने का खुलासा हुआ।
Also Read
- उत्तराखंड में विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार, धामी सरकार ने खोला 496 करोड़ का खजाना
- अंकिता भंडारी केस में नया मोड़, सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट के लिए तैयार
- मोटे अनाजों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी, मयकोटी में छात्र-छात्राओं और महिलाओं को दिया प्रशिक्षण
- हरिद्वार में दो बच्चियों के लावारिस मिलने से मचा हड़कंप, कूड़े के ढेर में मिली सात दिन की मासूम
- चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौत का आंकड़ा 271 पहुंचा, स्वास्थ्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
पुलिस ने दर्ज किया मामला
सुशीला तिवारी अस्पताल की ओर से मुखानी थाने को प्राथमिक सूचना रिपोर्ट भेजी गई। हालांकि, छात्रा और उसकी मां ने पुलिस को कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। परिजनों ने भी कोई तहरीर नहीं दी।
मुखानी थाना प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि तहरीर न मिलने के बावजूद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच महिला एसआई दीपा जोशी को सौंपी गई है।
पिता फरार, बच्ची एनआईसीयू में सुरक्षित
नवजात बच्ची को अस्पताल के एनआईसीयू में रखा गया है, जहां उसकी देखरेख की जा रही है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग मां के साथ संबंध रखने वाला आरोपी पिता फरार है। मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है।
चिंताजनक सामाजिक पहलू
यह घटना किशोरावस्था में यौन शोषण और परिजनों द्वारा बच्चों की निगरानी में कमी की ओर इशारा करती है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार का बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।






