उत्तराखंड एसटीएफ ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी देश से भागने की फिराक में था.
फर्जी लोन ऐप और शेल कंपनियों से ठगी का मामला
पुलिस के मुताबिक आरोपी अभिषेक अग्रवाल ने 13 फर्जी कंपनियां अपने नाम से और 28 कंपनियां अपनी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड करवाई थीं, जिनमें से कई में चीनी नागरिक सह-निर्देशक हैं. इन शेल कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लोन ऐप्स के जरिए साइबर ठगी के लिए किया जाता था. अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि इन कंपनियों के खातों में 750 करोड़ से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन हुआ है, जिसकी जांच जारी है.
गिरोह का एक मास्टरमाइंड पूर्व में ही हो चुका है अरेस्ट
STF गिरोह के एक और मास्टरमाइंड अंकुर ढींगरा को पहले ही गुड़गांव से गिरफ्तार कर चुकी है. गिरोह द्वारा Inst Loan, Maxi Loan, KK Cash, RupeeGo जैसे ऐप्स के माध्यम से लोगों को त्वरित लोन का लालच देकर उनके मोबाइल का एक्सेस लिया जाता था, और फिर गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व निजी डाटा चुराकर उन्हें ब्लैकमेल और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया जाता था.
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2019 में की थी साइबर ठगी नेटवर्क की शुरुआत
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि अभिषेक ने साल 2019 में चीन, शंघाई और शेन्ज़ेन की यात्राएं की थीं और चीनी नागरिकों के साथ मिलकर भारत में इस साइबर ठगी नेटवर्क की शुरुआत की. आरोपी के पास से मोबाइल, पासपोर्ट, भारतीय और विदेशी करेंसी, डिजिटल डिवाइस और कीमती वस्तुएं बरामद की गई हैं. आरोपी के खिलाफ देश के कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं.






