इच्छामृत्यु प्रक्रिया में पानी देना भी बंद, इतने दिन का लग सकता है समय

Harish Rana Latest Health Update: हाल ही में 32 साल के हो गए हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इच्छामृत्यु की इजाजत मिली थी। जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई देकर ऐम्स में भर्ती करवाया।

वहीं पर डॉक्टर्स की परामर्श में उन्हें इच्छामृत्यु के इस प्रक्रिया को शुरू किया गया। बता दें कि हरीश राणा की निगरानी अब 10 डॉक्टरों की टीम कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पांच और डॉक्टरों को मेडिकल बोर्ड ने जोड़ा है। जिसमें मनोचिकित्सकों की टीम भी शामिल है।

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Harish Rana Euthanasia: सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की दी इजाजत

दरअसल भारत में हरीश राणा निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एम्स को ये भी निर्देश दिए थे कि जीवन रक्षक प्रणाली को एक सुनियोजित तरीके से हटाया जाए। जिससे व्यक्ति की गरिमा भी ध्यान में रखी जाए।

न्यूट्रिशन सपोर्ट सिस्टम हटाया गया

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो AIIMS से जुड़े एक सूत्र ने बताया हरीश राणा को भर्ती करने के बाद से ही उनकी इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिसमें अब तक जो अपडेट आया है वो ये है कि उनका न्यूट्रिशन सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया है। साथ ही वो अब किसी भी वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम में भी नहीं है। उन्हें फिलहाल कुछ दवाइयां दी जा रही है। इसमें ब्रेन से जुड़ी प्रमुख दवा हैं। उनको अब खाना, पानी देना बंद कर दिया है।

परिवार की हो रही है काउंसिलिंग

खबरों की माने तो एम्स के चिकित्सकों द्वारा परिवार की काउंसिलिंग भी की जा रही है। ये परिवार को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए है ताकि वो इस दुख को सहन कर पाए। मनोचिकित्सकों की एक टीम हरदिन हरीश के माता-पिता और भाई से बातचीत करती है।

Harish Rana के अंगों की हो रही जांच

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरीश राणा के अंग की काफी अच्छी स्थिति नहीं है। ऐसे में अंग दान शायद ही संभव हो। ऐसे में उनके अंगों की जांच हो रही है। जिससे पता लगाया जा सके कि क्या वाकई शरीर का कोई अंग है जो दान किया जा सकता है।

सिर्फ एक व्यक्ति को साथ रहने की इजाजत

मिली जानकारी के अनुसार हरीश राणा के साथ एक सदस्य को रहने की इजाजत है। बताया जा रहा है कि उनकी मां उनके साथ ज्यादा वक्त बीता रही हैं। तो वहीं पिता, भाई और बहन उनसे मिलने के लिए आ रहे है।

अभी इतने दिन लग सकता है समय

बता दें कि हरीश राणा को एक दम से इच्छामृत्यु नहीं दी जाएगी। ये कहना काफी मुश्किल होगा कि उनकी सांसें कब तक चलेंगी। बता दें कि न्यूट्रिशन बंद करने के बाद भी 15 दिन, एक महीना या उससे ज्यादा समय लग सकता है।

13 साल से कोमा में

बताते चलें कि हरीश राणा को शनिवार 14 मार्च नई दिल्ली के एम्स में शिफ्ट किया गया। जहां उन्हें पैलेटिव केयर यूनिट में रखा गया हैं। वो 2013 से कोमा में हैं।

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